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संदेश

सनातन और जीवन

क्या कभी हम अपने गिरहबान में झांकेंगे?
सनातन : धर्म की व्याख्या है, धार्यति इति धर्म: मतलब जो धारण किया जाए वह धर्म।
तो हम धारण करते है, आचार, विचार और व्यवहार।
हम उसे बनाते हैं जीवन जीने का तरीका।
और इस तरीको को जितना व्यवस्थित, व्यवहारिक, वैज्ञानिक और जनोन्मुखी सनातन धर्म ने बनाया, उतना किसी धर्म ने नहीं बनाया, जितना पुराना यह धर्म है उतना कोई नहीं।
लोगों ने #रामायण पढ़ी #गीता पढ़ी, यह कुछ सौ या कुछ हजार साल पहले लिखी गयी।
आप वेद पढ़िए, आप उपनिषद पढ़िए।
आपको समझ आएगा कि एक व्यवस्थित समाज, दोषमुक्त समाज इन्ही वैदिक नियमो से निकल सकता है।
इन नियमो से जीवन इतना सरल हो सकता है कि सामान्य व्यक्ति सोच भी नहीं सकता।
इन नियमो में इतने फिल्टर हैं कि अपराध की हिम्मत जुटाना ही मुश्किल हो जाता है।
आप सोचें, अधिकारी के द्वारा किये गए गबन के लिए जो सजा होगी उससे 8 गुनी कम सज़ा सामान्य आदमी को होगी।
यह अद्भुत नियम है।
जो सबसे आसानी से गबन कर सके उसे सबसे कड़ी सजा और जिसके पास गबन करने के अवसर कम उसे सबसे कम सज़ा।
जीवन के लिए जरूरी चीजों को नष्ट करने, समाजानुकूल कार्य न करने की सज़ा, समाज द्वारा तिरस्कार औ…
हाल की पोस्ट

द्विपार्टी व्यवस्था की तरफ कांग्रेस

#हथौड़ा_पोस्ट
2011 - भ्रष्टाचार पर चर्चा शुरू।
2012 - गुजरात दंगों पर चर्चा, मोदी हत्यारा, खून का दलाल।
2013 - करन थापर का इंटरव्यू - मोदी ने मुसलमानों को कुत्ता बोला ।
2014 - सब प्रदेशो में कांग्रेस सरकार है, मोदी क्या भूटान या नेपाल से प्रधानमंत्री बनेगा।
मोदी को AICC में चाय बेचने की जगह दूंगा - मणि शंकर
2014 - मोदी प्रधानमंत्री बने।
2015 - अखलाख, जे एन यू और न जाने कितने मामले।
गाय का अपमान, अपराधी अखलाख को फ्लैट और पैसे।
2016 - हार्दिक, जिग्नेश और अल्पेश ठाकोर।
नक्सल समस्या
2017 - गुजरात मे बवाल - कश्मीर समस्या, राहुल की हिन्दू धर्म मे घर वापसी, #मन्दिर_भ्रमण_शुरू।
कैराना ।
2018 - भीमा कोरेगांव, भीम आर्मी।
Sc St एक्ट, राम मंदिर, सुप्रीम कोर्ट जज विवाद।
2014 से 2018 के बीच 3 तलाक से लेकर सवर्ण आरक्षण तक।
वेमुला से लेकर गौकशी तक, जगहों के नाम बदलने से लेकर शबरीमला तक जितनी बातो को  कांग्रेस चर्चा में लायी हर बात में उसने मुंह की खाई।
#बीजेपी का फायदा ही चर्चा और विरोध में है।
और राष्ट्रहित के लिए #हमारा_फायदा उन चर्चाओं को याद रखने और लोगो को याद दिलाने में है।
2019 - पुलवामा पर भी …

मीमांसा सनातन संविधान की...

कभी कभी लगता है जीवन बड़ा धूर्त है और हम भोले, जैसा जीवन होता है वैसा हम उसे देख नही पाते, और जो वह समझाना चाहता है उसे हम नज़र अंदाज़ कर देते हैं।
रोज़ वही प्रश्न होते हैं और वही आश्वासन ।
रोज़ सुबह नई आशाएं जन्म लेती है और रात में वीरगति को प्राप्त होती है और अगले दिन फिर वही आशाएँ।
यह क्रम है और यह इसलिए नही टूटता क्योंकि हम कड़े प्रश्न करने से बचते हैं, हम भ्रमित रहते हैं, हम आसक्त होते हैं हम लालची होते हैं और सबसे ज्यादा आशान्वित भी।
कभी हम शुतुरमुर्ग हो जाते हैं तो कहीं चीते की तरह आक्रामक पर हम व्यवस्थित और निष्पक्ष नही होते।
हम भावुक हो सकते हैं हम दयावान हो सकते हैं हम निर्दयी हो सकते हैं पर निर्विकार नहीं।
हम प्रेम कर सकते हैं नफरत कर सकते है पर एक ही व्यक्ति से एक ही समय मे हम नफरत और प्रेम एक साथ नही कर सकते।
2 ही तरह के विरोधाभासी लोग हमने सुने हैं,
दिलेर और भीरु
गुस्से वाला और शांत
दिलदार और कंजूस
हंसमुख और गुस्सेवाला
पर क्या आपने कभी सुना कि ये दोनों विशेषताएं एक साथ किसी व्यक्ति में हों।
ऐसी 100 विशेषताएं है पर क्या आपने कोई ऐसा व्यक्ति देखा है, जो एक समय में यह दोनों विरो…

लालच या अज्ञानता 🙏

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स्वास्थ्य जागरुकता हेतु
#रुट_कैनाल - #लालच या #अयोग्यता ?…
स्वस्थ रहने के डर को कैसे एक लालची या अयोग्य Dr आपके दोहन का साधन बनाता है इसका अप्रतिम उदाहरण है यह केस।
मेरे दांत की ठनक का निदान डॉ प्रथमेश राय के मुताबिक सिर्फ रुट कनाल था, और डॉक्टर प्रथमेश का कहना था कि वे अकेले ही हैं जो शहर में एकमात्र दंत चिकित्सक हैं जो सर्वश्रेष्ठ #TOOTH_RESTORATION करते हैं, वे ही हैं जो शहर के आधा दर्जन स्थापित दंतचिकित्सको के क्लीनिको में दंतपुनर्निर्माण के लिए बुलाये जाते हैं।
विश्वास ही तो मजबूरी है मरीज की, डॉ उसके लिए भगवान होता है।
बात तय हुई कि दांत का #रुट_कैनाल करवाना है और 3000₹ डॉ के कर्मकांड (प्रोसीजर) की फीस तय हुयी और 1 सिटिंग में दांत फिक्स करने का वादा हुआ।
पर लगी 3 सिटिंग और मिला ढेरो दर्द और खोखला दांत। 😂
डॉक्टर प्रथमेश अपनी सर्जरी कर चुके थे।
और कैपिंग के बाद उसी दाँत में दर्द की बेइंतिहा लहर ने रातो की नींद उड़ा दी।
मैं डॉ प्रथमेश से मिला तो उन्होंने कहा #CBCT (Dental Cone Beam CT) कराएं, CBCT भी कराई गई, (चित्र नीचे है)
पता चल…

भारतीय परंपराएं और सरकार

#Jallikattu #Peta #परंपराएं #GoI
समझिये संविधान बनने के पहले के भारत को - और उस भारत की आज से तुलना करिये !
बिलकुल ऐसा ही आप औद्योगीकरण के पूर्व की दुनिया और औद्योगीकरण के बाद की दुनिया पर भी चिंतन कर सकते हैं !अगर आप निज हित और निजी आराम को महत्त्व देते हैं तो आपको आज की दुनिया बेहतर लगेगी ; अगर आप समाज, पर्यावरण और अपनी आने वाली पुश्तों को तजरीह देते हैं तो आपको वह दुनिया अच्छी लगेगी जो आज से ७० साल पहले की थी !हमने पिछले १०० सालो में पूरी तरह हर उस अवधारणा को तोड़ने की भरपूर कोशिश की है जिसे हम सच मानते रहे हैं और जिसे हम अपने बच्चो के पाठ्यक्रम में पढ़वाते हैं !
हम डार्विन के सिद्धांत को बदलने की कोशिश में हैं ; हम सूर्य से लेकर पानी तक को कब्जे में करना चाहते हैं !
हम डीएनए में घुस रहे हैं ; हम जीव जंतुओं की नयी प्रजाति बना रहे है - हम अपनी नैसर्गिक क्षमताएं छोड़ कृत्रिम क्षमताओं पर आश्रित हो रहे हैं !
सामजिक चिंतन छोड़ - फिर स्वार्थ चिंतन की तरफ अग्रसर हैं !
इस छद्म आधुनिक तकनीकी के कारण कहीं हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है तो कहीं हमारा समाज टूट रहा है; कहीं नए रोग पैदा हो…

भारतीयता और पश्चिम...

हिन्दोस्तान की जिसे समझ है, वह जानता है कि इस देश ने अंगुलिमाल को सन्त स्वीकारा है, रावण को हम हर वर्ष जलाते हैं पर उसे प्रकांड पण्डित भी मानते है और रावण रचित शिव तांडव स्त्रोत्र का पाठ भी करते हैं पर राम भक्त विभीषण जिसे लंका का राज्य मिला उसका नाम आज भी धोखे के प्रतीक के रूप में उपयोग करते हैं, कोई अपने बच्चे का नाम विभीषण नही रखता न रावण रखता है, पर रावण के पांडित्य का सम्मान जरूर करता है।
सिद्धार्थ, अशोक जैसे नाम आपको खूब मिलेंगे, अशोक निरा हत्यारा था पर बाद में बदल गया।
गांधी का पारिवारिक जीवन बहुत बुरा था बल्कि आप कह सकते है कि गांधी पत्नी उत्पीड़क और हृदयहीन पिता थे, पर लोग उन्हें आदर्श मानते हैं।
भारतीय परंपराओं में छुप के अपराध करना (कुटिलता) स्वीकार नही है।
वह कार्य तो बिल्कुल स्वीकार्य नही जो आपकी अंतरात्मा स्वीकार न करे।
आचार्य श्रीराम शर्मा ने कहा है जो तुम्हे खुद पसंद न हो वह दूसरो के साथ न करो।
यही तो भारतीयता है, यही तो है हमारा #डीएनए
रिसर्चर्स कहते हैं कि हमारी मजबूत यादे हमारे डीएनए में पैबस्त हो जाती हैं,
हमारे पूर्वजो के गुण हम में होते ही हैं, वे झलकते हैं हमारे…