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भांग, पहाड़, भांग नीति और सर्वांगीण विकास...

#औद्योगिक भांग वृहद भ्रम का विषय है, भारत में औद्योगिक भांग की प्रजाति का न तो कोई पौधा उपलब्ध है न ही #विदेशी परिभाषाओं के हिसाब का कोई भांग का पौधा हमारी शिवालिक पर्वत मालाओं में है। हमारा पहाड़ #विजया या #भांग के पौधे से भरा पड़ा है पर #हेम्प जैसी सस्ती चीज हमारे पहाड़ों में नहीं है, हमारी विजया अमूल्य है। औद्योगिक भांग में नशा नहीं होता, यह पौधा न मनोरंजन के काम आता है न ही औषधि के, इसीलिए इसे #कैनाबिस की श्रेणी में नहीं रखा जाता इसे #हेंप कहते हैं, मनोरंजन के लिए और औषधि के लिए जो पौधा उपयोग में आता है उसे विदेशी परिभाषा कैनाबिस #इंडिका कहती है, यह पौधा शिवालिक की पर्वत श्रृंखलाओं को छोड़ पूरे देश के मैदानी हिस्सो मे पाया जाता है, जिसका कोई औद्योगिक उपयोग नहीं है। पर हमारी शिवालिक की #विजया अद्भुत है। इससे हम औद्योगिक प्रयोजन के लिए बीज, रेशा और शाईव भी पाते हैं और मनोरंजन और औषधि के लिए फूल और पत्ती भी। औद्योगिक भांग बहुत सस्ती है और इसे बहुत बड़ी मात्रा में उगाना पड़ता है तब इससे कोई एक उद्योग उत्तराखंड में लग सकता है जबकि औषधीय विजया की थोड़ी सी खेती ...

तीन राज्यों की हार और भाजपा

@amitshah कहते हैं कि अगला चुनाव हम युद्ध की तरह लडेंगे। जबकि 11 दिसम्बर के पहले मोटा भाई विरोधीयों को कुछ मानने ही तैयार न थे? प्रश्न यह कभी न था कि अटल सरकार भ्रष्ट थी, न ही यह प्रश्न आज उठता है कि मोदी सरकार भ्रष्ट है। प्रश्न सिर्फ यह है कि आप डरते हो और जनता को मूर्ख समझते हो। 1- आपको चुनाव में हारने का डर है इसलिए संघ की विचारधारा को किनारे कर देते हो, जबकि आप जानते हो कि इसी विचारधारा ने आपकी सरकार बनवाई है। 2- आप पूर्ण बहुमत की सरकार चलाते हुए भी डरते हो, राम मंदिर धारा 370 पर बिल लाने से डरते हो। 3- आपको अपने वोटर के स्वार्थ की चिंता नही है आप उन्हें "taken for granted" लेते हो, आप दूसरों के वोटर झपटने के लिए लालची हो। 4- आप इतिहास से कुछ नहीं सीखना चाहते, क्या जनसंघ से लेकर अटल सरकार तक आपने हर हार का विवेचन नहीं किया है? 5- क्या शाहबानो से लेकर राम भक्तो पर गोली चलाने तक के एपिसोड पर आपकी पार्टी के स्टैंड आपको नहीं मालूम हैं? 6- क्या वी पी सिंह की पार्टी और खुद VP के हाल आपसे छुपे हैं? 7- क्या आप समझते हैं कि सोशल मीडिया के इस जमाने मे आपको आपके विरोधी छोड़ दें...

हम बेवकूफो को आदर्श नहीं मान सकते पर हम बेवकूफ हैं; 🤣

चलिए आध्यात्म, मानवीयता और भारतीयता पर लौटें । "हम बेवकूफो को आदर्श नहीं मान सकते और हमें कोई स्वार्थी कहे ऐसी किसमें मजाल है? " यही भारतीय सिविलाइजेशन का मूल है, #छुट्टन_गुरु #लल्लन_महाराज - कैसे ?🙄 मै - कुछ चीज़े हैं ; जो भारतीय समाज को पश्चिमी समाज से अलग करती हैं ! १- आदर्शवाद २- त्याग ३- निस्वार्थ कर्म ४- सहिष्णुता पंगा इन्ही चीज़ों में फंसता है ; आज पश्चिमी या अभारतीय दर्शन कहता है ; कि आदर्शवाद जब जरूरी है जब हमें फायदा हो ; जीवन सिर्फ निजी फायदे के लिए है , अगर फायदा नही तो मतलब क्या ? लाभ ही तो सब कुछ है, BY HOOK OR CROOK... यही सोच संकुचित हो कर "मैं" में सिमट चली है और उतरोतर अहंकारी होती जाती है !! और भारतीय दर्शन कहता है कि अहंकार तो रावण का भी न चला... हम कहने लगे हैं - आदर्शवाद बढ़िया है पर दूसरों के लिए !! जब हमारी बात आती है तो कोई रास्ता बहाना खोज लिया जाता है, कि हम उससे बच सके। त्याग दूसरे करें हम तो अधिकार के लिए लड़ेंगे। #छुट्टन_गुरु : हम निस्वार्थ क्यों हो ? निस्वार्थ कर्म : ये क्या होता है ? चाणक्य ने कहा था कि बिना ला...

सोशल मीडिया और पुरानी सोच...

#सोशल_मीडिया बुजुर्ग सोच के लोग जिन्हें लगता है कि सोशल मीडिया खेल है कुछ गलत लिख भी दिया तो जनता कुछ समय में भूल जाएगी ऐसे लोगों का अवसान तय है, लालू परिवार उनमे से 1 है। मुलाय...