सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

कुछ शेर कुछ गज़ले... लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कुछ शेर कुछ गज़ले...

कुछ शेर और गज़ले जो मुझे पसंद हैं... शायद आप को भी पसंद आयें... दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना है, मिल जाये तों मिटटी है खो जाये तों सोना है, अच्छासा कोई मौसम तनहा सा कोई आलम, हर वक़्त का रोना तों बेकार का रोना है, बरसात का बादल तों दीवाना है क्या जाने, किस राह से बचना है किस छत को भिगोना है, गम हो के ख़ुशी दोनों कुछ देर के साथी हैं, फिर रस्ता ही रस्ता है न हँसना है न रोना है, दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना है, ---0--- जबसे हम तबाह हो गए, तुम जहाँपनाह हो गए II हुस्न पर निखार आ गया, आईने स्याह हो गए II आँधियों की कुछ खता नहीं, हम ही दर्द -ऐ- राह हो गए II दुश्मनों को चिट्ठियाँ लिखो, दोस्त खैर ख्वाह हो गए II जबसे हम तबाह हो गए, तुम जहाँपनाह हो गए II ---0--- हुज़ूर आपका भी एहतराम करता चलूँ, इधर से गुज़ारा था सोचा सलाम करता चलूँ, निगाहों दिल की यही आख़िरी तमन्ना है, तुम्हारी जुल्फ के साये मे शाम करता चलूँ, उन्हें ये जिद कि मुझे देख कर किसी को न देख, मेरा ये शौक कि सबसे कलाम करता चलूँ, ये मेरे ख्वाबों की दुनिया नहीं सही लेकिन, अब आ गया हूँ दो...