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शिव प्रसाद और बायो फ्यूल

गांजा एवं भांग- सनातन है ।। आजकल तमाम डे मनाने का चलन है, ऐसे ही एक वर्ल्ड वीड डे मनाया जाता है। अबकी बार यह डे इस मायने में ऐतिहासिक हो गया की अगले ही दिन हमारे रॉक स्टार प्रधा...

मोदी और मुस्लिम तुष्टिकरण

#हथौड़ा_पोस्ट बड़ा गड़बड़ है भई, भयंकर संघी भी यह मान रहे हैं कि @BJP4INDIA मुस्लिम तुस्टीकरण के रास्ते चल पड़ी है। सरकार संघ की विचारधारा से भटक गई है। यह सच नहीं है, यह अखबारों की खबरों और ...

यह #MODIfiedIndia नहीं है।

#हथौड़ा_पोस्ट 24 तारीख से देख रहा हूँ प्रबुद्ध और स्थापित लोग लिख रहे है, यह मोदी का इंडिया है, मोदी ने भारत को बदल के रख दिया और ब्लॉ ब्लॉ ब्लॉ 😂 असल मे किसी भी चीज़ को देखने के 3 तरीके हैं। 1- अपने फायदे की नज़र से 2- दूसरे के फायदे की नज़र से 3- निष्पक्ष नज़र से अधिकतर लोग तीसरे तरीके तक पहुंच ही नहीं पाते। यह मोदी का भारत नही न ही यह #MODIfiedIndia है, यह वही पुराना चाणक्य, राम, पोरस, विक्रमादित्य, महाराणा और शिवाजी का भारत है। संविधान के आगमन से इसमे कुछ फर्क आये थे, जो अब सुधर रहे हैं। नेहरू के आगमन के बाद प्रधानमंत्री के स्वार्थ, देश और प्रजा से बड़े हो गए थे। #प्रधानमंत्री को राजा के समान अधिकार  नही थे और वह खुद को प्रजा का सेवक मानना नही चाहता था। 5 साल के लिए आने वाला राजा पहले खुद का घर भरना चाहता था। बस इसीलिए शुरू हुई यह लूट और स्वार्थ की होड़। 4 अंग्रेज़ी अखबार जो लिखते थे वह दिन दो दिन बाद पूरे देश मे छपता था, और देश उसे ही सही मानता था। और उन अखवारों के खबर नवीसों को जनता हरिश्चंद्र का अवतार मानती थी। अब #सोशल_मीडिया है, जो खबर छपने से पहले ही दिखा देता ...

हम बेवकूफो को आदर्श नहीं मान सकते पर हम बेवकूफ हैं; 🤣

चलिए आध्यात्म, मानवीयता और भारतीयता पर लौटें । "हम बेवकूफो को आदर्श नहीं मान सकते और हमें कोई स्वार्थी कहे ऐसी किसमें मजाल है? " यही भारतीय सिविलाइजेशन का मूल है, #छुट्टन_गुरु #लल्लन_महाराज - कैसे ?🙄 मै - कुछ चीज़े हैं ; जो भारतीय समाज को पश्चिमी समाज से अलग करती हैं ! १- आदर्शवाद २- त्याग ३- निस्वार्थ कर्म ४- सहिष्णुता पंगा इन्ही चीज़ों में फंसता है ; आज पश्चिमी या अभारतीय दर्शन कहता है ; कि आदर्शवाद जब जरूरी है जब हमें फायदा हो ; जीवन सिर्फ निजी फायदे के लिए है , अगर फायदा नही तो मतलब क्या ? लाभ ही तो सब कुछ है, BY HOOK OR CROOK... यही सोच संकुचित हो कर "मैं" में सिमट चली है और उतरोतर अहंकारी होती जाती है !! और भारतीय दर्शन कहता है कि अहंकार तो रावण का भी न चला... हम कहने लगे हैं - आदर्शवाद बढ़िया है पर दूसरों के लिए !! जब हमारी बात आती है तो कोई रास्ता बहाना खोज लिया जाता है, कि हम उससे बच सके। त्याग दूसरे करें हम तो अधिकार के लिए लड़ेंगे। #छुट्टन_गुरु : हम निस्वार्थ क्यों हो ? निस्वार्थ कर्म : ये क्या होता है ? चाणक्य ने कहा था कि बिना ला...