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#सतयुग_का_आग़ाज़

# सतयुग _ का _ आग़ाज़   याद करिये वह समय जब गाँव में एक व्यक्ति होता था जो धोती , खड़ाऊँ पहनता था चोटी रखता था और 7 घर भिक्षा माँगता था तब उसे भोजन नसीब होता था ! उसे महल चौबरे बनाने की अनुमति न थी उसे स्वर्ण आभूषण पहनना मना था वह व्यापार नहीं कर सकता था # पर वह गाँव का # न्यायाधीश था , # नीति नियंता था वही था , जो # ज्ञान बाँटता था , वही था जो इलाज करता था , वही था जो # आविष्कारक था , वही था जो # निरामिश , # निर्वयसनी और # निष्कपट # शांत स्वभाव का था ! # बिलकुल यही व्यवस्था फिर अंगड़ाई ले रही है ! सोशल मीडिया और इंटर्नेट का ज़माना है - आज हर उस आदमी पर जनता की नज़र है जो नीति नियंता है , जो न्यायाधीश है जो अधिकारी है ! राहुल गांधी की बर्बेरी की जैकेट हो या मोदी का सूट - प्रतीक यादव की 5 करोड़ की लंबोरघिनी हो या सुप्रीम कोर्ट के विद्रोही जज से मिलने गए डी राजा ! आज जनता इन रसूखदारो पर नज़र रखे है ! मोबाइल फ़ोन से वाइरल होती कहानियों ...

यह #MODIfiedIndia नहीं है।

#हथौड़ा_पोस्ट 24 तारीख से देख रहा हूँ प्रबुद्ध और स्थापित लोग लिख रहे है, यह मोदी का इंडिया है, मोदी ने भारत को बदल के रख दिया और ब्लॉ ब्लॉ ब्लॉ 😂 असल मे किसी भी चीज़ को देखने के 3 तरीके हैं। 1- अपने फायदे की नज़र से 2- दूसरे के फायदे की नज़र से 3- निष्पक्ष नज़र से अधिकतर लोग तीसरे तरीके तक पहुंच ही नहीं पाते। यह मोदी का भारत नही न ही यह #MODIfiedIndia है, यह वही पुराना चाणक्य, राम, पोरस, विक्रमादित्य, महाराणा और शिवाजी का भारत है। संविधान के आगमन से इसमे कुछ फर्क आये थे, जो अब सुधर रहे हैं। नेहरू के आगमन के बाद प्रधानमंत्री के स्वार्थ, देश और प्रजा से बड़े हो गए थे। #प्रधानमंत्री को राजा के समान अधिकार  नही थे और वह खुद को प्रजा का सेवक मानना नही चाहता था। 5 साल के लिए आने वाला राजा पहले खुद का घर भरना चाहता था। बस इसीलिए शुरू हुई यह लूट और स्वार्थ की होड़। 4 अंग्रेज़ी अखबार जो लिखते थे वह दिन दो दिन बाद पूरे देश मे छपता था, और देश उसे ही सही मानता था। और उन अखवारों के खबर नवीसों को जनता हरिश्चंद्र का अवतार मानती थी। अब #सोशल_मीडिया है, जो खबर छपने से पहले ही दिखा देता ...

संविधान और धर्म 🙏

चलो राजनीति से समाज शास्त्र पर आते है ।। हम बदल क्यों रहे है? प्रश्न अति महत्वपूर्ण है। 1 पीढ़ी पहले तक- जब विश्वविद्यालय में झगड़ा होता था तो कोई लड़का दूसरे को कहता था, भाई मेरी 1 ...