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चीन की न 🤔

चीन और उसकी "न" कहने की शक्ति !!

एक नयी बात और ऐसी भी की दिमाग जिंझोड दे !!

शक्ति चीज़ो को नकारने की आपकी क्षमता से परिभाषित होती है !

जैसा की शाश्वत सत्य है ; एक ५ किलो की वस्तु अपनी जगह पड़ी रहना चाहती है और आप उसकी इक्षा के विरुद्ध उसकी मंशा को नकारते हुए उसे  स्थान पर पदस्थापित कर दें तो ये आपकी ताकत हुयी !

किसी के न चाहते हुए भी उससे अपने मन का काम ले लेना "ताकत" है !

ये भूमिका आगे के लेख के सन्दर्भ में है !!

मैंने १ माह पहले एक सी डी एम ए मोबाइल का अधिग्रहण किया ; जैसा की  सब जानते हैं सी डी एम ए स्मार्ट फ़ोन वो भी ड्यूल सिम आसानी से मिलना मुश्किल है !

ये सेट चीनी कंपनी जेड टी ई का है जो मोबाइल के बी टी एस बनाती है !

आश्चर्य जनक रूप से इस सेट में ढेरों कमियां और दोष थे !

जी पी इस ठीक काम नहीं करता था ; जी एस एम सिम में सिग्नल की समस्या थी ; बैटरी कमजोर थी ;

मैंने इस मोबाइल के एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम को रुट करने का मन बनाया ; कुछ सुधर हुआ पर मैं संतुष्ट नहीं था ; काफी आर एंड डी के बाद मुझे एक चीनी (चाइना मोबाइल कंपनी) रोम मिली ; जब मैंने उसे इंस्टॉल किया तो मोबाइल चीनी भाषा बोलने और दिखाने लगा ; नए फॉण्ट डाले गए कुछ ट्वीक किये गए और अंत रिजल्ट ये आया की सेट मिट्टी से चांदी बन गया (सोना न हो पाया).

फिर देखा की गूगल प्ले स्टोर और प्ले सर्विस मिसबिहेव कर रही है ; उसे सुधारा तो पता चला चीन में  गूगल को लिमिटेड एक्सेस है इसलिए ऐसा हो रहा है !

बड़ा आश्चर्य हुआ : कि एक देश जो अंग्रेजी को जूते की नोक पर रखता है ; गूगल के लिए दरवाजे  बंद कर लेता है फिर भी अपना माल पूरी दुनिया में बेंचता है ; और जो माल दुनिया के दूसरे मुल्कों को बेंचता है वो दोयम दर्जे का होता है ; अपने लोगों के लिए चीन बेहतर सुविधा संपन्न गैजेट बनता है !

भारतीय मॉडल में ऑपरेटिंग सिस्टम से, चीनियों ने सेट को काफी लिमिटेड यूज़ के लिए ट्वीक किया था ; जबकि सेट के हार्डवेयर में वाई फाई ट्रांसफर और ग्लोबल मोड जैसे फीचर्स हैं , जो की भारतीय रोम में डिसएबल थे ; अब सेट में २ जी एस एम या १ सी डी एम ए और एक जी एस एम सिम चल सकेगी !
इनके अपने सर्च इंजन हैं अपने क्लाउड हैं ; इस मोबाइल पर २८ चीन के सॉफ्टवेयर मुझे अनइंस्टॉल करने पड़े !

आप विचार करें की अगर हमारे देश में सिर्फ हिंदी में काम हो ; गूगल न चले तो हम कहाँ  होंगे ?

निश्चित ही चीन से ५० साल पीछे होंगे !!

और निश्चित ही ये ताकत चीन को अपने समाज, भाषा और लोगों को शक्ति सम्पन बनाने से मिली है !

#स्वामी_सच्चिदानंदन_जी_महाराज

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