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HOW and WHY WAS THE HEMP BANNED?

Lorraine Jenks. HOW and WHY WAS HEMP BANNED? 1. One hectare of hemp produces as much oxygen as 25 hectares of forest. 2. I repeat, 1 acre of hemp can produce the same amount of paper as 4 acres of trees. (Correction offered by Catherine in Australia: In a growing cycle of 90 days - One hectare of hemp sequesters as much carbon as a hectare of forest produces over 25 years. Thank you.) 3. You can make paper from hemp 8 times and wood 3 times. 4. Hemp grows in 4 months, tree grows in 20-50 years. 5. Hemp flower is a real radiation trap.  6 Hemp can be grown anywhere in the world and it requires very little water. In addition, since it is able to protect against insects, it does not need pesticides. 7. If textiles made from hemp become. widespread, the pesticide industry could disappear completely. 8 The first jeans were made from hemp; even the word "CANVAS" is the name of hemp products. Hemp is an ideal plant for making ropes, cords, bags, shoes and hats. 9. Reducing the effec...

मनु स्मृति में दंड का प्रावधान

जय गुरुदेव 🙏 विचारिये जितना ज्ञान जितना अधिकार उतना दंड, आज के वैकल्पिक ब्राह्मणों को 100 गुना दंड मतलब सोनिया और उनके पुत्र को सामान्य व्यक्ति से 100 गुना दंड - यह उचित है या अनुचित ? #वैकल्पिक_ब्राह्मण कौन? १- मंत्री, विधायक, सांसद, पार्षद और पंच सरपंच 2- न्यायाधीश 3- सभी प्रशासनिक अधिकारी सोचिए इस एक नियम से राष्ट्र में क्या बदलेगा? क्या मनुस्मृति उचित नहीं 🙏 #स्वामी_सच्चिदानंदन_जी_महाराज 'मनुस्मृति' के ये महत्वपूर्ण श्लोक .. "अष्टापाद्यं तु शूद्रस्य स्तेये भवति किल्बिषम्। षोडशैव तु वैश्यस्य द्वात्रिंशत्क्षत्रियस्य च॥ ब्राह्मणस्य चतुःषष्टिः पूर्णं वापि शतं भवेत्। द्विगुणा वा चतुःषष्टिस्तद्दोषगुणविद्धि सः॥" (अध्याय 8, श्लोक संख्या 337/338) . अर्थात्, "चोरी जैसा कर्म करने पर राजा को चाहिए कि वह शूद्र को उस वस्तु के मूल्य का आठ गुना, वैश्य को सोलह गुना, क्षत्रिय को बत्तीस गुना अर्थदण्ड दे। ब्राह्मण को चौसठ गुना या पूरा सौ गुना दण्ड दे। जो चोरी आदि कृत्यों के बारे में जितना ज्यादा जानता हो, उसे उतने भाग में दण्ड दे, किन्तु ब्राह्मण के विवेकी होने के...

भारतीय एवं पश्चिमी दर्शन का फर्क

#साइको_एनालिसिस ( #PsychoAnalysis) #मनोविश्लेषण  Vs #साइको_सिंथेसिस ( #PsychoSynthesis ) #मनो_संश्लेषण जो मैने जाना और समझा 🙏 साइको एनालिसिस को अगर मूल से समझना है तो पश्चिमी कार्य पद्धति को समझिए... वे हर चीज के छोटे छोटे टुकड़े कर उस पर रिसर्च/ व्यहवार और आचरण करते हैं, वे इसी में पारंगत हैं, उन्होंने #डॉक्टर बनाए फिर उन्हे स्पेशलाइजेशन करवाया और हर अंग के मूल में पहुंचने की कोशिश की। आंख का डॉक्टर अलग, हड्डी का अलग, नाक कान गला का अलग और जब शरीर पूर्ण हुआ तो उन्होंने औषधि के लिए एमडी मेडिसिन बना दिया। इसके विपरित #आयुर्वेद #Ayurveda ने साइको सिंथेसिस पर काम किया, वे मानते हैं कि शरीर की कोई भी समस्या पहले लक्षण बताती है कान का इलाज हो या आंख का यह #वात #पित्त #कफ की व्यवस्था असंतुलन से निर्धारित होता है। ऐसे ही आप पश्चिम और पूरब के #दर्शन और समाज शास्त्र को देखेंगे तो उसमे भी यही पाएंगे। सनातन व्यवस्था में समाज हो या परिवार  दोनो को हम सम्मलित रूप में देखते हैं, #मतलब संयुक्त रूप में एकीकृत या सामूहिक रूप में देखते हैं पर पश्चिम उसे अलग अलग या न्यूक्लियर/ माइक्रो ...

गांजा एवं भांग- अनोखा अध्याय

आजकल तमाम डे मनाने का चलन है, ऐसे एक वर्ल्ड वीड डे मनाया जाता है। अबकी बार यह डे इस मायने में ऐतिहासिक हो गया की अगले ही दिन हमारे रॉक स्टार प्रधानमंत्री जी वीड के साथ ट्रेंड करने लगे। हुआ यूँ की अपने कनाडा दौरे पर प्रधानमंत्री भीड़ को संबोधित कर रहे थे और ऊर्जा के नए नए स्त्रोत पर काम करने की वकालत कर रहे थे तो उनके मुँह से वीड एनर्जी शब्द निकल गया, हालाँकि सब समझ ही रहे थे की बात विंड एनर्जी की है लेकिन अगर प्रधानमंत्री वीड एनर्जी की बात पर भी ध्यान दें तो बहुत भला होगा। वीड मतलब सामान्य बोलचाल वाली अंग्रेजी में गांजा के लिए प्रयुक्त होने वाला शब्द, यानी वही पौधा जो भांग और चरस भी देता है। वीड हमारे देश की संस्कृति से जुड़ा हुआ है और अगर अनजाने में ही प्रधानमंत्री के मुँह से उसका नाम निकल गया है तो तय मानिए की उसके दिन बहुरने वाले हैं। अब इसका सेवन अमेरिका के कई राज्यों में लीगल हो चुका है और खुद ओबामा और राजा भाई  भी कह चुके हैं की यह अल्कोहल जितना नुकसानदायक भी नहीं होता। लेकिन कमाल देखिये की जिस गांजे को लेकर अमेरिका में सार्थक बहस चल रही है उसी के सेवन को भारत में अ...

IS NDPS ACT A JOKE?

Are you a lawyer or law maker or police?  Do you know which is the most ridiculous law of India?  Sometime read NDPS ACT 1985 and laugh openly at your law makers 🙏  Sachin Awasthi *(A cannabis producer)*  We will discuss the loopholes present in the NDPS Act.  Section 2 of the NDPS Act defines narcotic substances,  If we are talking about cannabis only, then we will take only its definition and the law related to it:  Section 2 - Definition of Cannabis means :  (a) Charas, that is, raw or refined, any isolated resin obtained from the Cannabis plant and includes concentrated preparations and resins known as hashish oil or liquid hashish.  (b) hemp, that is to say, the flowering and fruiting ends of the Cannabis plant (not including seeds and leaves when they are not with the ends) by whatever name called and designated;  And  (c) any mixture of any of the above types of cannabis, whether with or without any neutralizing substance, a...

#सतयुग_का_आग़ाज़

# सतयुग _ का _ आग़ाज़   याद करिये वह समय जब गाँव में एक व्यक्ति होता था जो धोती , खड़ाऊँ पहनता था चोटी रखता था और 7 घर भिक्षा माँगता था तब उसे भोजन नसीब होता था ! उसे महल चौबरे बनाने की अनुमति न थी उसे स्वर्ण आभूषण पहनना मना था वह व्यापार नहीं कर सकता था # पर वह गाँव का # न्यायाधीश था , # नीति नियंता था वही था , जो # ज्ञान बाँटता था , वही था जो इलाज करता था , वही था जो # आविष्कारक था , वही था जो # निरामिश , # निर्वयसनी और # निष्कपट # शांत स्वभाव का था ! # बिलकुल यही व्यवस्था फिर अंगड़ाई ले रही है ! सोशल मीडिया और इंटर्नेट का ज़माना है - आज हर उस आदमी पर जनता की नज़र है जो नीति नियंता है , जो न्यायाधीश है जो अधिकारी है ! राहुल गांधी की बर्बेरी की जैकेट हो या मोदी का सूट - प्रतीक यादव की 5 करोड़ की लंबोरघिनी हो या सुप्रीम कोर्ट के विद्रोही जज से मिलने गए डी राजा ! आज जनता इन रसूखदारो पर नज़र रखे है ! मोबाइल फ़ोन से वाइरल होती कहानियों ...

सामाजिक संरचना, टिकाऊ जीवन और संवैधानिक संस्थाएं

आज का प्रश्न ✔️ १- क्या स्त्री और पुरुष, गाय और बैल या शेर और शेरनी एक बराबर हो सकते हैं? २- क्या दोनो की मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक क्षमताएं व कार्यशैली समान हो सकती है? 3- क्या वे एक परिस्तिथि में एक समान निर्णय ले सकते हैं? प्रश्न का उत्तर #हाँ_या_न में देना हो तो उत्तर न में ही आएगा। पर कुछ लोग लेकिन, किंतु, बट, परंतु का उपयोग कर घंटो टाइम पास कर सकते हैं पर यह वे भी जानते हैं कि यह लेकिन और किंतु व्यर्थ की बकवास के सिवा कुछ नहीं है। नर प्रजातियें जो पशु योनि से जन्म लेती हैं स्त्री के साथ वैसा ही बर्ताव करती हैं जैसा पुरातन पुरुष। ईश्वर ने भी महिलाओं को, बच्चो समाज और परिवार के लिए #समर्पित बनाया है और पुरुषों को #उच्छंखल । ऐसा क्यूँ? मानव इतिहास में समाजीकरण एक वृहद विषय है। कोई भी पशु (मानव, पशुश्रेष्ठ है) चाहे वह स्त्री हो या पुरुष स्वावलम्बी होता है, पर महिला पशु स्वावलम्बी से ज्यादा होती है, वह बच्चों के उदरपोषण, सुरक्षा और उन्नयन के लिए भी समर्पित होती है। जबकि पुरुष पशु उच्छ्रंखल होता है वह स्वार्थी और कामुक होता है। मानव सामाजिक जीवन मे यह क्रम टूटा है इसे ट...